प्राचीनकाल के राजदरबारों में सब प्रकार के गुणियों का सम्मान किया जाता था। बादशाह अकबर के दरबार में बीरबल अपनी विनोदप्रियता व कुशाग्रबुद्धि के लिए जाने जाते थे। अकबरी राजसभा के नौरत्नों में बीरबल कोहेनूर हीरा कहे जा सकते हैं।
बीरबल व अकबर का लड़कपन से साथ था। बीरबल केवल एक हँसोड़े मात्र न होकर अच...
एक बार बादशाह अकबर ने घोषणा की कि जो आदमी सर्दी के मौसम में नदी के ठंडे पानी में रात भर खड़ा रहेगा, उसे भारी भरकम तोहफ़े से पुरस्कृत किया जाएगा।
एक गरीब धोबी ने अपनी गरीबी दूर करने की खातिर नदी में घुटने तक डूबे रहकर पानी में ठिठुरते हुए सारी रात बिता दी। बाद में वह बादशाह के दरबार में अपना इनाम...
एक दिन बादशाह अकबर ने दरबार में आते ही दरबारियों से पूछा - किसी ने आज मेरी मूंछें नोचने की जुर्रत की। उसे क्या सज़ा दी जानी चाहिए।
दरबारियों में से किसी ने कहा - उसे सूली पर लटका देना चाहिए, किसी ने कहा उसे फाँसी दे देनी चाहिए, किसी ने कहा उसकी गरदन धड़ से तत्काल उड़ा देनी चाहिए।
बादशाह नाराज ह...
एक बार अकबर बादशाह ने सोचा, ‘हम रोज-रोज न्याय करते हैं। इसके लिए हमें सही और गलत का पता लगाना पड़ता है। लेकिन सही और गलत के बीच आखिर कितना अंतर होता है?'
अगले दिन अकबर बादशाह ने यह प्रश्न दरबारियों से पूछा।
दरबारी इस प्रश्न का क्या उत्तर देते? दरबारियों के लिए तो बीरबल ही सभी समस्याओं की ...
बीरबल बहुत नेक दिल इंसान थे। वह सैदव दान करते रहते थे और इतना ही नहीं, बादशाह से मिलने वाले इनाम को भी ज्यादातर गरीबों और दीन-दुःखियों में बांट देते थे, परन्तु इसके बावजूद भी उनके पास धन की कोई कमी न थी। दान देने के साथ-साथ बीरबल इस बात से भी चौकन्ने रहते थे कि कपटी व्यक्ति उन्हें अपनी दीनता दिखा...
एक बार बादशाह अकबर ने बीरबल से पूछा, "बीरबल, तुम दिन में अपनी पत्नी का हाथ एक या दो बार तो अवश्य ही पकड़ते होंगे। क्या तुम बता सकते हो कि तुम्हारी पत्नी की कलाई में कितनी चूड़ियां हैं?''
यह सुनकर बीरबल असमंजस में पड़ गए। उन्होंने पहले कभी पत्नी के हाथ की चूड़ियों की गिनती नहीं की थी। कुछ देर तक...
एक दिन बादशाह अकबर ने बीरबल को आदेश दिया, "चार ऐसे मूर्ख ढूंढकर लाओ जो एक से बढ़कर एक हों। यह काम कोई कठिन नहीं है क्योंकि हमारा राज्य तो क्या, पूरी दुनिया मूर्खों से भरी पड़ी है।"
अकबर बादशाह की आज्ञा से बीरबल नगर में मूर्खों को ढूंढने निकले।घूमते-फिरते उन्होंनें एक आदमी को देखा जो एक थाल म...
एक बार अकबर ने अपने दरबारियो से पूछा, "बताओ किस नदी का पानी सबसे अच्छा है?"
सभी दरबारियो ने एकमत हो उत्तर दिया, "गंगा का पानी सबसे अच्छा होता है।"
बीरबल बादशाह के प्रश्न का उत्तर न देकर मौन रहा। यह देख बादशाह अकबर ने सीधे सवाल किया, "बीरबल तुम चुप क्यों हो?"
बीरबल बोले, "बादशाह हुजूर! पानी सबस...
बादशाह अकबर और उनके बीरबल जब कभी भी अकेले होते तो किसी न किसी बात पर चर्चा करते ही रहते। एक दिन बादशाह अकबर बैंगन की खूब तारीफ़ करने लगे।
बीरबल भी बादशाह की हाँ में हाँ मिलाते गए। वह खुद भी अपनी तरफ से भी बैंगन की तारीफ़ में कुछ न कुछ जोड़ देते।
अचानक बादशाह अकबर के दिल में ब...
एक दिन बादशाह अकबर अपने दरबार में बैठा हुआ दरबारियों से दिल-बहलाव कर रहा था, इसी बीच बीरबल भी आ पहुँचा! बादशाह ने बीरबल से पूछा-- बीरबल!क्या बतला सकते हो कि फल कौनसा अच्छा? दूध किसका अच्छा, पत्ता किसका अच्छा, फूल कौन सा अच्छा, मिठास कौन सी अच्छी, राजा कौन अच्छा ?
बीरबल बोला-'पृथिवीनाथ ! फलों में...
एक दिन अकबर बादशाह ने कागज पर पेंसिल से एक लकीर खींच दी और बीरबल से बोले, 'बीरबल, न तो यह लकीर घटायी ही जाये, न मिटायी जाये किन्तु छोटी हो जाये।'
बीरबल ने फौरन ही लकीर के नीचे एक दूसरी लकीर पेंसिल से उससे बड़ी खींच दी और बोले, 'हुजूर! देखिये, अब आपकी लकीर उससे छोटी हो गयी ।' अकबर बादशाहू यह दे...
एक दिन बादशाह राजकीय कार्मो से अवकाश पाकर अपने दरबार में बैठे हुए थे। इधर-उधर की बातें भी हो रहीं थीं। तभी बादशाह ने पूछा—“गर्मी, बरसात, जाड़ा, हेमन्त, शिशिर और बसन्त इन छहों ऋतुओं में सर्वोत्तम ऋतु कौन-सी है?"
दरबारियों ने अपनी अभिरुचि के अनुसार किसी ने कुछ और किसी ने कुछ बतला...
एक दिन अकबर ने दरबार में सवाल किया, "दुनिया की सबसे बड़ी चीज़ क्या है?"
कुछ दरबारियों ने कहा, "हाथी", कुछ ने कहा, "पर्वत", और कुछ ने "सूरज" बताया।
बीरबल मुस्कुराए और बोले, "जहाँपनाह, दुनिया की सबसे बड़ी चीज़ इनसान की 'भूख' है!"
अकबर ने चौंककर पूछा, "वह कैसे?"
बीरबल बोले, "क्योंकि भूख इतनी बड़...