रोशनी बेचने का हक़ ,
सबको नहीं मिला करता;
सूरज का मैं ,
नूर-ए-चश्म हो गया हूँ।

- सुफला सेठी 
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 नूर-ए-चश्म = आँख की रोशनी, लड़का, सुपुत्र, प्यारा बेटा, फ़र्ज़ंद, प्यारी बेटी