आप के एहसान नीचे दब मरें क्या?
आदमी से हम तुम्हें अब रब कहें क्या?

हाँ, जो दुनिया कर रही है, कर रही है
है जरूरी अब उसे हम सब करें क्या?

आयेगी जब मौत तब मरना है लाजिम
जीते जी हम मौत से हरदम डरें क्या?

आपने इक पल सहारा दे दिया जो
जिंदगी भर उसका हर्जाना भरें क्या?

   - रोहित कुमार 'हैप्पी'