कविता संकलन
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तख्त बदला ताज बदला, आम आदमी का आज न बदला!
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नित्य करो तुम योग
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प्रेम रस
हिंदुस्तान की शान है हिन्दी
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कोमल मैंदीरत्ता की दो कविताएं
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दोस्ती
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तुम्हारे लिये | कुछ मुक्तक
मुस्कुराहट
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सीख
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थोड़ा इंतजार
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स्वीकार करो
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मौत की रेल
आत्मचिंतन
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मुक्तक
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मिट्टी की खुशबू
प्रदूषण
सिर्फ़ बातें नहीं अब वह बात चाहिए
फीजी
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लौट रहा हूँ गांव
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रोटी की कीमत
सात कविताएँ
नव वर्ष 2021
मीठी यादें बचपन की
पीपल की छांव में
यादें
जै-जै कार करो
मॉरीशस के चार कवियों की कविताएँ
अभिलाषा
भला क्या कर लोगे?
स्काइप की डोर
कविता सतत अधूरापन
इस महामारी में
चाह
नारी
जड़ें
इस महामारी में
बकरी
हे कविता
ओ मेरी साँसों के दीप !
प्रेम की चार कवितायें
तुलसी के प्रति
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पैसा
गोरख पांडेय की दो कविताएं
कैसी लाचारी
तेरा रूप | षट्पद
इन्द्र-धनुष
प्रणम्य काशी
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सबके बस की बात नहीं है
दिल्ली पर दो कविताएं
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तीन कविताएं
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सांईं की कुण्डलिया
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अनुपमा श्रीवास्तव 'अनुश्री' की दो कविताएं
कह मुकरियाँ
अंबर दीप जलाता है
न संज्ञा, न सर्वनाम
नून-तेल की खोज में
मुकरियाँ
माँ के बाद पिता
बचपन बीत रहा है
निःशब्द कविता
नारी
डॉ दिविक रमेश की पाँच कविताएं
मेरी मधुशाला | कविता
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कविताएँ रहेंगी | कविता
तुम भी लौटोगी | कविता
आधी रात को | कविता