जब मैं छोटा था जिंदगी 'सुखी' थी बड़ा हुआ जिंदगी 'सूखी' हो गई अंतर कुछ नहीं आया बड़ा होने के साथ 'उ' की मात्रा बड़ी हो गई।
- शिव 'मृदुल'
[साभार - पानी की लकीर]