"कभी हमारे घर को भी पवित्र करो।" करूणा से भीगे स्वर में भेड़िये ने भोली-भाली भेड़ से कहा।
"मैं ज़रूर आती बशर्ते तुम्हारे घर का मतलब तुम्हारा पेट न होता।" भेड़ ने नम्रता पूर्वक जवाब दिया।
- खलील जिब्रान