एक दिन वो नगर के कई लोगों से मिला।
सबने अपने-अपने नाम बताकर परिचय दिया ।
लेकिन उसे बेहद कोफ़्त हुई ।
'कि काश! कोई तो कह देता यार!'
- मैं क्या हूँ? कौन हूँ? क्यों पूछते हो? हूँ तो सिर्फ इन्सान ही!
- अजना अनिल [साक्षात्कार]