मन की बातसोचो, समझो औरमनन करो।
अपना घरतन-मन-धन सेस्वच्छ बनाएं।
पानी या खूनहर बूँद अमूल्यमत बहाओ।
गेंहूँ, जौ, चनाकैसे हो और घनाहमें सोचना।
-आनन्द विश्वास