सामाजिक असंगति
और
सामाजिक परम्परा इनमें कोई सम्बन्ध है?
सामाजिक परम्परा
जिसे हम जीवित रखने का भरसक प्रयास कर रहे हैं
पाश्चात्य परम्पराओं के लालच से बचते हुए
और
भावी पीढ़ियों को बचाते हुए।
सामाजिक असंगति का प्रमुख कारण है
सामाजिक परम्पराओं के बारे में जानकारी का अभाव
और
एक-दूसरे के प्रति अविश्वास।
परिणाम?
व्यक्तिगत रूप से स्वयं को अवांछित सोशल मिसफ़िट
और योगदान देने में असमर्थ महसूस करना।
यदि हमें इस असंगति के कारणों का बोध हो गया है
या
बोध हो रहा है तो उन कारणों को कैसे दूर किया जाए
और
उन्हें दूर करने की ज़िम्मेदारी किस की है?
--डा॰ पुष्पा भारद्वाज-वुड