पत्थर के नहीं हैं
ये मेरे- तुम्हारे रिश्ते
की चोट सह लें
किरच-किरच हो जायेंगे
देखो, कांच के रिश्ते हैं ये
खुद को सम्हालो
कहीं टूट जाये
और कोई टुकड़ा
पाँव तले आ गया
तो फर्श लाल हो जायेगा
और तुम्हारी
इस तकलीफ का साक्षी
कोई नहीं होगा।
-प्रीता व्यास
न्यूज़ीलैंड