हममें फ़र्क़ है

रचनाकार: प्रीता व्यास | न्यूज़ीलैंड

तुम्हारा नजरिया भले ही समान हो
मेरे और अख़बार के प्रति,
मगर हममें फ़र्क़ है
सामयिक सूचनाओं से भरा
पहला पेज नहीं हूँ मै
जो समय के साथ रद्दी हो जायेगा
मै तो वो विशिष्ट परिशिष्ट हूँ
जो समय के साथ
संग्रहणीय होता जायेगा
सरसरी नज़र डाल कर
भले ही रद्दी वाले को थमा दो
ध्यान दे लोगे
तो हिफाज़त से
रखने की फ़िक्र करोगे।

-प्रीता व्यास
 न्यूज़ीलैंड