भीड़ हैशब्द हैं,नगाड़े हैं।लेकिन, गुम है--इंसान, ओज और ताल।खोजिए, मिल जाएं शायद--भीड़ में इंसानशब्दों में ओजऔरनगाड़ों में ताल।
-रोहित कुमार 'हैप्पी'