डॉ. 'मानव' हाइकु, दोहा, बालकाव्य तथा लघुकथा विधाओं के सुपरिचित राष्ट्रीय हस्ताक्षर हैं तथा विभिन्न विधाओं में लेखन करते हैं। गांव पर लिखे उनके कुछ हाइकु यहाँ दिए जा रहे हैं:
दूध न पानी,
आज हर गांव की
यही कहानी
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आज किसान
सबका अन्नदाता
है परेशान।
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पीपल-नीम :
हैं गंवई--गांव के
सस्ते हकीम।
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रामसिंगारु
करे काम न धंधा
चाहिए दारु।
-डॉ रामनिवास मानव