प्रार्थना

रचनाकार: सोहनलाल द्विवेदी | Sohanlal Dwivedi

प्रभो,
न मुझे बनाओ हिमगिरि,
जिससे सिर पर इठलाऊँ। प्रभो, न मुझे बनाओ गंगा,
जिससे उर पर लहराऊँ।

प्रभो,
न मुझे बनाओ उपवन,
जिससे तन की छबि होऊँ।
प्रभो, बना दो मुझे सिंधु,
जिससे भारत के पद धोऊँ॥

-सोहनलाल द्विवेदी