चौराहे पर चर्चा चल रही थी। पूर्णिमा-हत्याकांड के सभी आरोपी बरी हो गये लेकिन प्रश्न था कि जब पूर्व-आरोपियों ने उसे नहीं मारा, तो फिर मारा किसने?
इस गंभीर प्रश्न का सरल-सा उत्तर था एक सामान्य से आदमी के पास ‘कानून ने।’
-डॉ रामनिवास मानव