डॉ मानव के हाइकु 

रचनाकार: डॉ रामनिवास मानव | Dr Ramniwas Manav

देखे जो छवि
जड़ में चेतन की
वही तो कवि 

किस्त चुकाते
चुक गया जीवन
चुके न खाते 

दु:ख पाहुना
कुछ लेकर आया
देकर गया

घर में घर
आदमी में आदमी
फिर भी डर

-डॉ रामनिवास मानव