लाल बहादुर, महात्मा गांधी
लेकर आए ऐसी आंधी
कायाकल्प हुआ देश का
जन-जन में चेतना जगा दी।
जन्में थे दोनों दो अक्टूबर
ये पुण्य आत्मा हमारे रहबर
देश-देश, कोने-कोने में
सुख शांति की जोत जला दी।
कोई भी जाति कोई धर्म हो
राग-द्वेश नहीं, एक-सा मर्म हो
मिल-जुल कर रहना सिखलाया
अखंडता की सुगंध फैला दी।
शास्त्री जी का नारा महान
जय जवान, जय किसान
सत्य अहिंसा के बल पर
गांधीजी ने धाक जमा दी।
- रत्न चंद 'रत्नेश'