उत्‍तम उपासना

रचनाकार: शेख़ सादी

एक अत्याचारी बादशाह ने किसी साधु से पूछा कि मेरे लिए कौन-सी उपासना उत्‍तम है?

उत्‍तर मिला कि तुम्हारे लिए दोपहर तक सोना सब उपासनाओं से उत्‍तम है, जिससे उतनी देर तुम किसी को सता न सको।

- शेख़ सादी