लहर ने
समंदर से
उसकी उम्र पूछी,
समंदर मुस्करा दिया।
लेकिन जब
बूँद ने
लहर से
उसकी उम्र पूछी
तो
लहर बिगड़ गई
कुढ़ गई
चिढ़ गई
बूँद के
ऊपर ही
चढ़ गई...और. . .
इस तरह
मर गई!
बूँद समंदर में समा गई
और. . .
समंदर की उम्र
बढ़ा गई!
- अशोक चक्रधर
[सोची-समझी, प्रतिभा प्रतिष्ठान, नई दिल्ली]