डा. जगदीश गांधी साहित्य | Collections

Author's Selected Works & Collections

कुल रचनाएँ: 11

Author Image

आपसी प्रेम एवं एकता का प्रतीक है होली

'होली' भारतीय समाज का एक प्रमुख त्यौहार भारत संस्कृति में त्योहारों एवं उत्सवों का आदि काल से ही काफी महत्व रहा है। हमारी संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहाँ पर मनाये जाने वाले सभी त्यौहार समाज में मानवीय गुणों को स्थापित करके लोगों में प्रेम, एकता एवं सद्भावना को बढ़ाते हैं। भारत में त्योहा...

पूरा पढ़ें...

समाज के वास्तविक शिल्पकार होते हैं शिक्षक

सर्वपल्ली डा. राधाकृष्णन का जन्मदिवस 5 सितम्बर के अवसर पर विशेष लेख
(1) शिक्षक राष्ट्र की संस्कृति के चतुर माली:-
5 सितम्बर को एक बार फिर सारा देश भारत के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डा. राधाकृष्णन का जन्मदिवस 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाने जा रहा है। महर्षि अरविंद ने शिक्षकों के सम्बन्ध में कहा...

पूरा पढ़ें...

शिक्षक एक न्यायपूर्ण राष्ट्र व विश्व के निर्माता हैं!

शिक्षक दिवस (5 सितम्बर) पर विशेष लेख(1) सर्वपल्ली डा. राधाकृष्णन एवं शिक्षक दिवस:-
5 सितम्बर को प्रत्येक बालक के चरित्र निर्माण के संकल्प के साथ सारे देश में पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डा. राधाकृष्णन का जन्मदिवस ‘शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया जाता है। सारा देश मानता है कि वे एक विद्वान दा...

पूरा पढ़ें...

वैलेन्टाइन दिवस

संत वैलेन्टाइन को सच्ची श्रद्धाजंली देने के लिए 14 फरवरी‘वैलेन्टाइन दिवस' को ‘पारिवारिक एकता दिवस' के रूप में मनायें!
(1) ‘वैलेन्टाइन दिवस' के वास्तविक, पवित्र एवं शुद्ध भावना को समझने की आवश्यकता
संसार को ‘परिवार बसाने' एवं ‘पारिवारिक एकता' का संदेश देने वाले महान...

पूरा पढ़ें...

बच्चों को ‘विश्व बंधुत्व’ की शिक्षा

(1) विश्व में वास्तविक शांति की स्थापना के लिए बच्चे ही सबसे सशक्त माध्यम:-
राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का मानना था कि विश्व में वास्तविक शांति लाने के लिए बच्चे ही सबसे सशक्त माध्यम हैं। उनका कहना था कि ''यदि हम इस विश्व को वास्तविक शान्ति की सीख देना चाहते हैं और यदि हम युद्ध के विरूद्ध वास्तविक...

पूरा पढ़ें...

गिर जाये मतभेद की हर दीवार ‘होली’ में!

 
(1) 'होली' भारतीय समाज का एक प्रमुख त्योहार:-
               भारत संस्कृति में त्योहारों एवं उत्सवों का आदि काल से ही काफी महत्व रहा है। हमारी संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहाँ पर मनाये जाने वाले सभी त्योहार समाज...

पूरा पढ़ें...

आज कबीर जी जैसे युग प्रवर्तक की आवश्यकता है

(1) आज कबीर जी जैसे युग प्रवर्तक की आवश्यकता है - आज समाज, देश और विश्व के देशों में बढ़ती हुई भुखमरी, अशिक्षा, बेरोजगारी, स्वार्थलोलुपता, अनेकता आदि समस्याओं से सारी मानवजाति चिंतित है। वास्तव में ये ऐसी मूलभूत समस्यायें हैं जिनसे निकल कर ही हत्या, लूट, मार-काट, आतंकवाद, धार्मिक विद्वेष, युद्धों...

पूरा पढ़ें...

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून)

स्कूलों में बच्चों को ‘यौन शिक्षा' के स्थान पर ‘योग' एवं ‘आध्यात्म' की शिक्षा अनिवार्य रूप से दी जाये!
-डॉ. जगदीश गाँधी(1) 21 जून ‘अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस' के रूप में घोषित:- 27 सितंबर, 2014 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा में प्रस्ताव पेश...

पूरा पढ़ें...

भारतीय संविधान विश्व में अनूठा

भारतीय संविधान सारे विश्व में "विश्व एकता" की प्रतिबद्धता के कारण अनूठा है!
- डा0 जगदीश गांधी, शिक्षाविद् एवं संस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ
(1) भारत की आजादी 15 अगस्त 1947 के बाद 2 वर्ष 11 माह तथा 18 दिन की कड़ी मेहनत एवं गहन विचार-विमर्श के बाद भारतीय संविधान को 26 जनवरी 1950 क...

पूरा पढ़ें...

किसी राष्ट्र के वास्तविक निर्माता उस देश के शिक्षक होते हैं

शिक्षक दिवस पर विशेष लेख
किसी राष्ट्र के वास्तविक निर्माता उस देश के शिक्षक होते हैं!
- डॉ॰ जगदीश गांधी, प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवंसंस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ
(1) सर्वपल्ली डा. राधाकृष्णन एवं शिक्षक दिवस
5 सितम्बर को एक बार फिर से सारा देश भारत के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली डा....

पूरा पढ़ें...

अपने जीवन को 'आध्यात्मिक प्रकाश' से प्रकाशित करने का पर्व है दीपावली!

दीपावली ‘अंधरे' से ‘प्रकाश' की ओर जाने का पर्व है:
दीपावली शब्द ‘दीप' एवं ‘आवली' की संधि से बना है। ‘आवली' का शाब्दिक अर्थ है पंक्ति। इस प्रकार ‘दीपावली' का शाब्दिक अर्थ है ‘दीपों की पंक्ति'। भारत वर्ष में मनाए जाने वाले सभी त्यौहारों में दीपावली का सामा...

पूरा पढ़ें...

डा. जगदीश गांधी का जीवन परिचय